क्या जमाना आ गया है आज कल सब बाज़ार है जो चाहो बेचो कोई किसी के मरने पे बेच रहा है कोई किसी के जन्म पे बेच रहा है ! कोई किसी की बर्बादी में बेच रहा है और कोई किसी की खुश हाली में बेच रहा है !
जो है बेच दो ! अपने बाप का क्या जाता है लक्ष्मी आती है बस वही काफी है !
आज छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा कला दिन था नक्सलियों ने हमारे, क्या बोलू उनमे कोई मेरा रिश्ते दार नहीं था लेकिन मरा (शहीद कोई न कोई तो hua ) कोई न कोई तो ! माना मैंने खाना नहीं छोड़ा न ही साँस लेना लेकिंग जिस तरह से नक्सलियों द्वारा किये गए कृत को सभी चैनल द्वारा देखये जा रहे थे ऐसा लग रहा था की मनो मैंने खाना खा कर और साँस लेकर बहुत बड़ी गलती कर दी ! अपने को बहुत गली देने की इक्छा हुई ! लेकिन देखते ही देखते सारा माजरा बदल गया ! अचानक न्यूज़ चैनल में मिर्च मसाले का ऐड आ गया ! फिर ब्यूटी शो प की ये क्या था अचानक मेरा दिल परिवर्तित कैसे हो गया ! अभी मै अपने आप को गली दे रहा था और अचानक ये सब खरीदने के बारे में सोचने लगा ! फिर याद आय कल युग है भाई ! यहाँ सब चलता है ! किसी के मौत पे बेचो किसी की जिंदगी पे बेचो किसी की ख़ुशी पे बेचो किसी की खुदगर्जी पे बेचो ] किसी के बदनामी पे बेचो !
सिर्फ और सिर्फ लक्ष्मी कमाओ यही है उदेश्य इस मानवी जीवन का !
आप के पास लक्ष्मी है तो सब आपकी इज्ज़त करते है नहीं तो आप जैसे बहुत है इस दुनिया में !
हर कोई बिजनेस कर रहा है चाहे वो शाशन हो या मीडिया सब लगे हुए है ! लक्ष्मी के पीछे !
भाई इसमें मै क्या कर सकता हूँ ! लक्ष्मी जी है ही ऐसी !!
फिर विषय से भटक रहे है ! बात हो रही थी जज्बातों की !!
आप को लगता है इनका कोई मतलब भी है ! पैसा है सब है लेकिन क्या कर सकते है जीवन चलने के लिए प्यार , पैसा शारीर सब चाहिए ! इस लिए लोग इनके पीछे भाग रहे है ! क्या गलत काम कर रहे है ? आप ही बताए
थक गया हूँ लिखते लिखते थोडा विराम चाहता हूँ कल बात करेंगे !
आपका
तुषार
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